Ek Thi Daayan 2013 एक थी डायन!

Ek Thi Dayan 2013 – डायन’ स्त्री के अस्तित्व पर अधिकार के लिए बुना गया एक अंधविश्वास है जिसे पूरे होश ओ हवास में रचा जाता है।

‘डायन’ स्त्री के अस्तित्व पर अधिकार के लिए बुना गया एक अंधविश्वास है जिसे पूरे होश ओ हवास में रचा जाता है। व्याख्या करें।
 
शब्दार्थ: डायन काले जादू में पारंगत वह महिला है जिसके पास समाज का अनिष्ट कर सकने की शक्ति होती है। ओझा (shaman) डायन की काला जादू की शक्तियों का निवारण करने वाला चिकित्सक है। अमूमन गांवो और छोटे कस्बों से किसी महिला के डायन होने की खबरें आती रहती हैं।
विशेषताएं : डायन आम तौर पर स्त्री ही होती है और ओझा आम तौर पर पुरूष ही होते हैं। डायन जब भूखी होती है तब वह बच्चों को खा जाती है। डायन का प्रिय कार्य महामारी और आपदा फैलाना है।ये क्राफ्ट का कार्य भी करती हैं जिसे विचक्राफ्ट के नाम से जाना जाता है।
 
Ek Thi Daayan
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व्याख्या: डायन हमारे भारत में एक प्रचलित शब्द है।ससुराल पक्ष द्वारा बहुओं के लिए इस शब्द का प्रयोग बहुतायत में किया जाता है। कहीं – कहीं डायन के मेल वर्जन के लिए पिशाच शब्द का प्रयोग किया जाता है।जो कि सही नहीं है। डायन को सबक सिखाने के लिए चिकित्सक ओझा की मदद ली जाती है। डायन को सज़ा देते वक्त जूते-चप्पलों की माला पहनाकर, उसका सर मुंडवा कर, मुंह पर कालिख़ पोतकर, निर्वस्त्र कर और मल मूत्र छिड़ककर उसकी शोभा यात्रा निकाली जाती है । इस बीच डायन के साथ सार्वजनिक हिंसा की जाती है और अधिकांश मामलों में उसकी हत्या कर दी जाती है।इस तरह समाज के स्वघोषित सैनिक जनता को डायन के प्रकोप से बचा लेते हैं। डायन से जुड़े अंधविश्वासों को लेकर जागरूकता फैलाने वाले सुधारकों की हत्या कर दी जाती है। आधुनिक समाज के जो विशेषज्ञ डायन की कमर्शियल उपयोगिता को समझते है वे उस पर सिनेमा बनाते हैं । और हम मैंगो पीपल ‘डायन, खून की प्यासी डायन, आदमखोर डायन ,एक थी डायन जैसी फिल्में देखकर आते हैं।
 
निष्कर्ष: कुछ व्याभिचारी और देशद्रोही किस्म के लोग कहते हैं कि पारंपरिक समाजों में धन – संपत्ति और स्त्री शरीर पर कब्जा करने के मक़सद से स्त्रियों के लिए यह भूमिका गढ़ी गयी।हमें ऐसी उल जुलूल स्थापनाओं से बचना चाहिए। देशभक्ति का आचरण करने वाले वीर ऐसी जूठी स्थापनाओं की कड़ी निंदा करते हैं। अंत में, यदि डायन नहीं हो तो ओझा के समक्ष बेरोजगारी की भयावह समस्या उत्त्पन्न हो सकती है।
बस कुल मिलाकर यही है एक ‘डायन’ जिसकी अनन्य पहचान उसका स्त्री होना है और यदि स्त्री निम्न समझे जाने वाले तबके से है तब वह निश्चित तौर पर डायन होने की शत प्रतिशत संभावना रखती है ।