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Love is the most colorful festival जोगीरा सारा रा रा रा रा रा

Love is the most colorful festival – ‘नदिया के पार’ (1982  )

जोगीरा सारा रा रा रा रा रा … उत्तर प्रदेश और बिहार में रंग खेलते हुए जोगीरा या कबीरा गाए जाते हैं । जहां रंग खेलने वाली टोलियाँ नाच गाना करते हुए ढोलक मंजीरा बजाते हुए जोगीरा से पहेली या सवाल बूझती हैं और वह उनका उपाय करता है। जोगीरा का संबंध कबीर की उलट बासियों से भी जोड़ा जाता है। जोगीरा को एक ज्ञानी व्यक्ति समझा जाता है। जोगीरा गीत हास-परिहास, ठिठोली और उलाहना से भरे हुए होते हैं। फाग में जोगीरा की परंपरा बहोत पुरानी है । इसी परंपरा का एक गीत राजश्री फिल्म की ‘नदिया के पार’ (1982  ) का है। आपको मालूम होगा हम आपके हैं कौन ( 1994 ) इसी फिल्म का रीमेक है। । इस गीत के बोल और संगीत रवीन्द्र जैन के है जिसे हेमलता, चंद्राणी मुखर्जी और जसपाल सिंह ने अपनी आवाज़ दी है ।Nadiya Ke Paar (1982 film)

जोगी जी ढूँढ के ला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
मिला दो हमें मिला दो, जोगीजी वाह जोगीजी
xxx
सारे गाँव की गोरियाँ रंग गई हमपे डार, पर जिसके रंग हम रंगे छुप गई वो गुलनार
छुप गईं वो गुलनार जोगीजी सूना है सँसार, बिना उसे रंग लगाए, जोगी जी वाह जोगी जी
ये फागुन लौट ना जाए, जोगी जी वाह जोगी जी, जोगी जी ढूँढ के ला दो,मिला दो हमें मिला दो

गाँव में स्त्री भेस धारण किए जोगीरा अपनी रंग मंडली के साथ नाच झूम रहा है । चंदन जोगीरा को अपनी प्रेम व्यथा सुनाता है। फाग के रंगों में जैसे यौवन उतर आता है। फाग का राग प्रेम गीत बन जाता है। एक वक्त ऐसा भी रहा है जब ‘आई लव यू’ जैसी रस्मों के बगैर भी प्रेम हुआ करता था, ‘नदिया के पार’ एक ऐसी ही फ़िल्म है।

फिल्म में यह गीत साधना सिंह ( गुंजा ) और सचिन (चंदन ) पर फिल्माया गया है । दुलहंडी का दिन है सुबह उठते ही गुंजा बेहद हास्यस्पाद तरीके से चंदन को रंग देती है। चंदन जब सोकर उठता है तो परिवार वाले उसका रंगा हुआ चेहरा देखकर उसका खूब मज़ाक बनाते है । बेसब्र चंदन गुंजा की तलाश में निकलता है और गाँव भर में उसे ढूँढता फिरता है। 

गाँव में स्त्री भेस धारण किए जोगीरा अपनी रंग मंडली के साथ नाच झूम रहा है । चंदन जोगीरा को अपनी प्रेम व्यथा सुनाता है। फाग के रंगों में जैसे यौवन उतर आता है। फाग का राग प्रेम गीत बन जाता है। एक वक्त ऐसा भी रहा है जब ‘आई लव यू’ जैसी रस्मों के बगैर भी प्रेम हुआ करता था, ‘नदिया के पार’ एक ऐसी ही फ़िल्म है।

ChandraKanta

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