दिल मेरा ( गीत )

दिल मेरा मेरी न सुने
दिल ये मेरा तेरे सपने बुने
दिल बहता है तेरी छोर
जैसे लहरों को खींचे है सागर अपनी ओर।

मैं दिल की सुनूं
दिल मेरी सुनें न
ये करता है आवारगी
मैं जितना इसे समझाता हूँ
ये उतना चले तुम्हारी तरफ
जिद करता है कितनी हंसी
अब तुम ही कहो
मैं अदावत करूं या फिर बांध लूं
अपनी सांसों से तुमको अभी..
दिल मेरा मेरी न सुने
दिल ये मेरा तेरे सपने बुने
मैं तुमको कहूँ
दिल की बातें सभी
ये काजल की डिबिया तुम्हारी सखी
इसमें मेरा मन छिप कर है बैठा कहीं
ये फूलों का गजरा तुम्हारा सनम
इनमें उलझा है मेरा दिल कहीं
अब तुम ही कहो
मैं अदावत करूं या फिर बांध लूं
अपनी सांसों से ..तुमको अभी..
दिल मेरा मेरी न सुने
दिल ये मेरा तेरे सपने बुने
 © पिंक रोज़ (चंद्रकांता) PINK ROSE ( CHANDRAKANTA)










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